HDFC ग्राहकों के लिए बुरी खबर, सभी खाता धारकों को दिया बड़ा झटका, अचानक से बैंक ने होम, कार और पर्सनल लोन किया महंगा।

HDFC Bank Increase Interest Rate : अगर आप भी एचडीएफसी के कस्टमर हैं तो आपको एक बड़ा झटका मिला है। करोड़ खाता धारकों के लिए अचानक से बड़ा फैसला लिया गया है। HDFC बैंक के द्वारा होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन को महंगा कर दिया है आईए जानते हैं कितने प्रतिशत की वृद्धि की है।

HDFC Bank MCLR

एचडीएफसी बैंक के द्वारा कर्ज पर ब्याज दरों के बढ़ोतरी किया है। उसने मार्जिनल कॉस्ट आफ फंड्स वेस्ट लेंडिंग रेट्स (MCLR) में 0.10 फ़ीसदी तक इजाफा किया है। नई दरे 8 फरवरी से लागू हो जाएगा। बैंक के द्वारा आधिकारिक वेबसाइट पर यह जानकारी दिया गया है।

MCLR वह न्यूनतम ब्याज दर है जिस पर बैंक अपने ग्राहक को कर्ज देता है। HDFC बैंक का MCLR 8.90 फ़ीसदी से 9.35 फ़ीसदी के बीच है। ओवरनाइट एमसीएलआर को बढ़ाकर 8.80 फ़ीसदी से 8.90 फ़ीसदी कर दिया है। इसी तरह एक महीने का MCLR बढ़कर 8.85 प्रतिशत से 8.89% बढ़ा दिया है। 3 महीने के MCLR को 9% से बढ़कर 9.10% कर दिया है। 6 महीने के एमसीएलआर को 9.30 फ़ीसदी कर दिया है। ज्यादातर ग्राहक से जुड़े 1 साल के एमसीएलआर 9.25 प्रतिशत से बढ़कर 9.30% कर दिया है। 3 साल के एमसीएलआर को 9.35 फ़ीसदी पर बनाए रखा गया है।

बैंक का अन्य ब्याज दर

बैंक की संशोधित आधार पर 9.25 प्रतिशत है। यह 25 सितंबर 2023 से लागू है। बेंचमार्क पीएलआर 25 सितंबर से सालाना 17.85% प्रभावि है। हर महीने एमसीएलआर को समायोजित करते समय रेपो रेट और अन्य उधर दरो को ध्यान में रखा जाता है। कोई भी बैंक MCLR से कम पर लोन नहीं दे सकता है।

बैंक का MCLR बढ़ने से क्या होता है?

जब MCLR बढ़ता है तो इसका कई तरह का प्रभाव होता है लिए यहां इसके बारे में सभी जानकारी जानते हैं।

लोन लेने की लागत में होती है बढ़ोतरी

MCLR बैंक की ओर से लोन का ब्याज दर को तय करने के लिए उपयोग किए जाने वाले अहम बेंचमार्क है। MCLR बढ़ने से लोन की ब्याज दर बढ़ जाती है। इसका मतलब है की कर्ज लेने वालों को लोन पर ज्यादा ब्याज का भुगतान करना होगा। इससे उनकी मासिक किस्त बढ़ जाएगी इससे लोन लेना महंगा हो जाता है।

नया लोन लेना हो जाएगा कठिन

दरअसल बड़ी हुई ब्याज दरों के कारण बैंक कर्ज लेने वाले को लोन देने में सबसे अधिक सतर्क हो जाते हैं। इसका मतलब होता है की कर्ज लेने सबसे कठिन हो जाता है। खासकर अगर उनका क्रेडिट स्कोर या फिर आई कम हो तो।

घरेलू खर्च पर नकारात्मक असर

एमसीएलआर बढ़ने से लोगों की लागत बढ़ जाती है जिसके कारण लोग के पास खर्च करने के लिए कम पैसा होता है इससे घरेलू खर्च में कमी आ जाती है जिससे आर्थिक विकास धीमा हो सकता है।

बैंक के लिए ज्यादा है फायदा

एमसीएलआर बढ़ने से बैंकों का प्रॉफिट मार्जिन बढ़ता है। इसका मतलब है कि बैंक अधिक मुनाफा कमा लेता है।

सरकार के लिए भी होता है लाभ

एमसीएलआर बढ़ने से सरकार को राजस्व में बढ़ोतरी में फायदे मिलते हैं। इसका मतलब है कि सरकार के पास सार्वजनिक सेवाओं पर खर्च करने के लिए अधिक पैसा होता है।

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Ankit वैश्यकीयार

Ankit Vaishykiyar is a Bihar native with a Bachelor's degree in Journalism from Patna University. With three years of hands-on experience in the field of journalism, he brings a fresh and insightful perspective to his work. Ankit Vaishykiyar is passionate about storytelling and uses his roots in Bihar as a source of inspiration. When he's not chasing news stories, you can find him exploring the cultural richness of Bihar or immersed in a good book.

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